An Introduction to Digital Marketing in Hindi – digital marketing क्या हे हिन्दी मे


Digital marketing क्यूँ इतना जरूरी हे, क्यूँकी आज दुनिया तेजी से Digital हो रही हे । सबके internet की पहच हो चुकी हे । Smart Phone के आजाने से तो इसमे और भी तेजी देखि जा सकती हे। Internet का उपयोग आज आसमान छु रहा हे । आज की इस दुनिया को हम Digital World केहे सकते हें ।

Digital Marketing, आज की इस digital world मे एक जानासुना सब्द ही । Marketing मे digitalization होने के कारण अनेक automation और उसकी साथी technology का अबिशकार हुआ हे ।

आजकल क्यूँकी consumer अनलाइन ज्यादा समय बिताने लगे हें तो marketers Digital Marketing मे ज्यादा पैसा निबेश करने लगे हें ।

क्यूँकी Customer अनलाइन मे हें इसीलिए ये जरूरी हो जाता हे की उनके साथ communication भी अनलाइन मे हो ।

Digital Marketing meaning: (digital marketing kya hai)

Digital world मे यानि online दुनिया मे customer से digital तरीके से communicate करने को Digital Marketing कहा जाता हे ।

Digital marketing के जरिए कोई भी विक्रेता अपनी कोई भी Product को अनलाइन माध्यम से अपने Customer को बेच सकता हे ।

इसके जरिए कोई भी कंपनी अपनी ब्रांड की pubilcity कर सकती हे और अपने बारे मे customers को सूचना प्रदान कर सकती हे ।

“I grew up in a physical world, and I speak English. The next generation is growing up in a digital world, and they speak social.”

Angela Ahrendts

डिजिटल मार्केटिंग की सुरुआत 1994 मे हुई जब सबसे पहले एक banner ads देखा गया HotWired (अभी Wired.com) website मे ।

डुनिया का सबसे पहला Banner Advertisement

Digital Marketing केसे Traditional Marketing से बहतर हे (kaise dijital maarketing paaramparik maarketing se behatar hai)

Digital Marketing ने मार्केटिंग खेत्र मे एक बड़ा बदलाव लादिया हे । Traditional Marketing मे पोस्टर , TV ads ,न्यूज पेपर ads यदि का प्रयोग होता हे जिसकी अपनी महत्व हे लेकिन बहत सारी कमियाँ भी हे जिसे हम आगे जनेगें । आइए जानते हे की डिजिटल मार्केटिंग का क्या क्या विशेषताएं हें और ये Traditional मार्केटिंग से केसे अलग हे ।

characteristics of digital marketing:(डिजिटल मार्केटिंग की विशेषताएं)

Two-Way Communication:

Traditional Marketing मे marketer कोई भी ads बनाता हे और consumer के लिए सिर्फ उसे देखना और समझना ही एक option रहता हे । ads मे consumer का ज्यादा योगदान नहीं होता हे । लेकिन दूसरी और Digital Marketing मे Two-Way Communication काम करता हे ।

जिसमे की किसी बिज्ञापन मे consumer अपना reaction दे सकता हे उसे like , Comments और उसको दूसरों के साथ share कर के branding मे अपना योगदान देसकता हे । जो की Traditional Marketing मे संभब नहीं ।

Digital environment मे Consumer तय करता हे की वे किस ब्रांड के साथ interact करेंगे। यहाँ केबल marketer मैसेज को control नहीं करता बल्कि consumer भी हिस्सा लेते हें किसी ब्रांड और content को बनाने मे । जिसे की Two-way communication कहा जाता हे ।

Targeting of One (किसी एक target consumer को टारगेट करना )

Traditional Marketing को Spray and pray कहा जाता हे । क्यूँकी इसमे आप एक ads बनाते हें जो की किसी एक समुदाय के customer को ध्यान मे रख बनायागया होगा लेकिन TV मे जब ads आएगा तो सारे तरीके के लोग उसे देखेंगे । चाहे वो बचे हों , बूढ़े हों , लड़का हो, लड़की हो ।

दूसरी और Digital advartisement मे हम किसी specific customer को टारगेट कर सकते हें । उनके उम्र, स्थान, लिंग, income, रुचि, device के अनुसार टारगेट करसकते हें और सिर्फ उनहिकों ads दिखा सकते हें ।

Level-Playing Field । सबके लिए affordable होना

Digital marketing सबके लिए affordable हे । बहत ही काम बजट मे डिजिटल मार्केटिंग किया जा सकता हे और हर कोई इसे कर सकता हे । दूसरी और Traditional Marketing मे खर्च बहत ही ज्यादा होता हे जो की सबके लिए affordable नहीं हे । डिजिटल मार्केटिंग सबके लिए एक उपयोगी साबित होतीहे चाहे वो एक small business हो या एक multinational company ।

Measurability – कई माप दंड का होना

डिजिटल मार्केटिंग ब्यवसाय को मार्केटिंग के समय आनेको माप डंडों की सुबिधा प्रदान करता हे , जिससे की मदद से marketers को ads की performance के बारे मे सही सूचना मिलती हे जेसे की कितने लोगों ने ads देखा , कितनों ने क्लिक किया, कितनों ने वेबसाईट पे visit की और कितनों ने प्रोडक्ट को खरीदा । इन सारे सूचना के आधार से ads को और चलाना चाहिए या नहीं , या फेर इसमे कोई फेर बदल करना चाहिए इसका निर्णय लिया जासकता हे । जिससे की पैसों की बर्बादी नहीं होती हे ।

Push and Pull system in digital marketing:

Digital Marketing मे marketers के पास choice होता हे की वे push and pull medium का इस्तेमाल करे । खुद customer तक जाना उन्हे ढूंढ कर और किसी प्रोडक्ट को बेचना इसे push मार्केटिंग कहा जाता हे , जहां की एक marketers को customer की तरफ जाना पड़ता हे । दूसरी तरफ किसी social media ,वेबसाईट youtube चैनल के माध्यम से customer के साथ एक रीलैशन बनके उन्हे बाद मे अपने प्रोडक्ट की खरीद के लिए प्रेरित करना को pull मार्केटिंग कहा जाता हे ।

डिजिटल मार्केटिंग मे इन दोनों तरह की मार्केटिंग बड़े आसानी से हो पता हे जिसे की marketers और customer दोनों का योगदान होता हे ।

Real Time monitoring facility :

Digital marketing के आनेको विशेषताओं मे से Real Time Monitoring एक कमाल का विशेषता हे . इसमे marketers अपनी ads की performance का real टाइम मे सूचना पा सकता हे । जिसे की उसे सही feedback मिलता हे जिसे की ads के बीच मे ही जरूरती फेरबदल किया जासकता हे । अगर कोई गलती हो गई हो तो उसे भी सुधारा जा सकता हे । ये मार्केटिंग की ROI (Return on Investment) को improve करता हे ।

Zero Moment of Truth – enhancing user experiance

जब भी कोई customer कोई भी प्रोडक्ट की जांच करता हे इस प्रक्रिया मे कुछ समय एसा होता हे जहा की customer को उस प्रोडक्ट के उपर कुछ idea होती हे उस समय को Moment of Truth कहा जाता हे ।

Moments of Truth :

  1. जब एक customer कोई प्रोडक्ट खरीदने के लिए दुकान पर जाता हे और प्रोडक्ट को देखता हे ।
  2. जब customer उस प्रोडक्ट को खरीदता हे ।
  3. जब customer उस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करता हे ।

Traditional तरीके मे moment of truth हमेसा एक तय क्रम मे ही आता हे जेसे की 1,2,3 …. काभी भी 3,1,2… क्रम मे नहीं आ सकता । लेकिन डिजिटल मार्केटिंग मे एसा नहीं हे । डिजिटल मार्केटिंग मे customer कोई भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उस प्रोडक्ट के बरेमे reviews, rating, दूसरे customers की feedback , product की फीचर्स यदि का सूचना पा सकता हे । जिसे की Zero Moment Truth बंता हे ।


Leave a Comment

Your email address will not be published.