7 features of Digital Marketing in हिन्दी


आज Digitalization ने मार्केट और मार्केटिंग को पूरी तरह से बदल के रख दिया हे । आजकल बिल पेमेंट से लेकर स्कूल की पढ़ाई तक सबकुछ अनलाइन हो रहा हे । ग्राहक आज ज्यादा से ज्यादा समय अनलाइन बीता रहा हे ।और digital marketing ने मार्केटिंग को तेज ,सहज और असरदार बना दिया हे ।

इसीलिए जीतने भी विपनक (Marketers) हें वे भी मार्केटिंग के सारे बजट Digital marketing के ऊपर डाल रहे हें । इसीलिए इसके बारे मे आपको पता होना बेहद जरूरी हे खास कर अगर आप एक ब्यबसाई हों ।

Digital Marketing Kya he ?

डिजिटल मार्केटिंग नये ग्राहकों तक पहुंचने का सरल माध्यम है। यह विपणन गतिविधियों को पूरा करता है। इसे ऑनलाइन मार्केटिंग भी कहा जा सकता है। कम समय में अधिक लोगों तक पहुंच कर विपणन करना डिजिटल मार्केटिंग है।

कियू की ग्राहक आज अनलाइन हें इसीलिए उनके साथ संपर्क भी अनलाइन होना चाहिए । और यही Digital Marketing की सबसे बड़ी बिशेषता हे ।

Digital marketing को छोड़ कर बाकी मार्केटिंग को Mass marketing कहा जाता हे ।

Digital marketing के 7 बिशेषताओं के बारे मे आइए जानते हें । जेसे की :

Two-Way Communication in Digital marketing :

डिजिटल मार्केट मे साधारण मार्केटिंग की तरह सिर्फ एक और से संपर्क नहीं होता बल्कि दोनों ग्राहक और ब्यबसाई के और से संपर्क होता हे ।

साधारण मार्केटिंग मे जेसे की एक पोस्टर बैनर मार्केटिंग मे ग्राहक सिर्फ एक संबाद (message) को देखता हे और फेसला लेता हे । लेकिन ग्राहक का उस पोस्टर मे कोई भी भूमिका नहीं होता ।

लेकिन Digital Marketing मे ग्राहक बिज्ञापन को देखके अपने और से उसमे योगदान दे सकता हे ।

किसी एक प्रकार के ग्राहक को लक्ष्य साधना । Targeting One types of customers :

Digital Marketing मे Marketers किसी बिशेष ग्राहकों को target करसकते हें । ग्राहक के उम्र , लिंग ,ठिकाना , आय , आग्रह , ब्यबहर यदि के अनुसार target किया जा सकता हे ।

इससे ये लाभ होता हे की आपकी जदातर बिज्ञापन सही ग्राहकों तक पहच पता हे और आपको सही ग्राहक मिल पाते हें। जिससे की आपकी बिज्ञापन की खर्च काम होता हे और ज्यादा लाभ होता हे ।

दूसरी और Mass media advertisement मे बहत सारे बिज्ञापन बेकार हो जाता हे । जिसे की हम Waste ads कहते हें ।

उधारण स्वरूप : आपने आपकी आपकी saree की दुकान के बिज्ञापन के लिए 500 पर्ची पत्र छापे और रास्ते मे आते जाते लोगोंमे बाँट दिया ।

पर उन्मे से जदातर लोगों के बारे मे आप नहीं जानते की उनकी रुचि क्या हे , उनका लिंग क्या हे , उम्र क्याहे इत्यादि ।

उन 500 लोगों मे से जो पुरुष होंगे वे सारी नहीं खरीदेगे कियू की पुरुष सारी नहीं पहनते । और उनकी बिबाह भी नहीं हुआ होगा ।

500 लोगों मे से कुछ का उम्र 16 साल से भी काम होगा यानि वे छोटे बचे होंगे जो की सारी नहीं पहन सकते ।

और जो महिला होंगी उनका अभी सारी खरीदने का मन भी नहीं हो सकता हे ।

इन सब कारण के बझह से Mass Media advertisement ज्यादा पैसा खर्च होता हे पर जदातर बिज्ञापन बेकार हो जाता हे ।

लेकिन Digital Marketing मे ऊपर दिए गए परेसानी को आप हटा सकते हें और एक सही ग्राहक को चुन सकते हें ।

Low cost Budget of affordable budget :

Digital Marketing बहत ही किफएती पैसे मे उपलब्ध हे इसे आप अपने बजट के हिसाब से चुन सकते हें ।

अगर आपका बजट काम हे तो भी आप मार्केटिंग करसकते हें । दूसरी और mass media me बहत जादा पैसों की जरूरत होती हे ।

Measurability :

Mass media marketing मे हमे पता ही नहीं चलता की हमारे ads को कितने लोगोने देखा या फेर समझा ।

डिजिटल मार्केटिंग मे आप जन सकते हें की आपके बिज्ञापन को कितने लोगोने देखा , कितनों ने cilck किया , कितनों ने आपका website visit किया , कितनों ने रजिस्टर किया इत्यादि ।

इससे आप अपनी की बिज्ञापन की प्रदर्सन को माप सकते हे और जन सकते हें की आपकी खर्च की गई पैसों की सही लाभ (ROI- Return on Investment) मिला हे या नहीं ।

Push and Pull Marketing :

Digital Marketing मे Marketers दोनों Push और Pull मार्केटिंग को चयन करसकता हे।

जिस बिज्ञापन मे ब्रांड को promote किया जाता हे । ग्राहकों को ब्यबसाय के बारे मे जानकारी दी जाती हे लेकिन कोई भी बस्तु या फेर सेवा नहीं बेची जाती उसे Puss marketing कहते हें ।

और जिस मार्केटिंग मे ग्राहकों को कोई बस्तु या सेवा बेचा या खरीदने के लिए राजी किया जाता हे यानि अपनी और आकर्षित किया जाता हे उसे Pull Marketing कहा जाता हे ।

Mass media marketing मे केवल push marketing ही किया जासकता हे बिगपन के माध्यम से ही कोई बस्तु या सेवा नहीं बेची जा सकती । उसके लिए ग्राहक को आप के पास आना पड़ेगा या फेर आपको ग्राहक के पास जाना पड़ेगा ।

Real Time Track :

Digital Marketing मे Marketers अपनी बिज्ञापन की प्रदर्सन की सूचना तुरंत पा सकता हे जिसे की उसे पता चल जाता हे की बिज्ञापन उसके हिसबसे कार्यकारी हो रहा हे या नहीं ।

उससे वे सही feedback पासकते हे और काभी भी बिज्ञापन मे मन मुताबक परिबर्तन कर सकते हें ।

जिससे की ROI-Return on Investment मे जादा लाभ होता हे और waste जादा नहीं बनते ।

लाभ न होने पर मार्केटिंग को बीच मे ही रोक जासकता हे ।

Zero Moment of Truth :

Marketing मे कुछ Moment of Truth होता हे जिसे की सारी असलियत यानि सच बाते पता चलती हे ।

साधारण मार्केटिंग मे मुख्यतः 3 Truth Point होते हें

पहला किसी बिज्ञापन या दुकान मे किसी बस्तु की sell मे लगा हुआ देखना उस बस्तु के बारे मे दुकानदार से सुनना ।

दूसरा उस बस्तु को खरीदना उसे अपने हातों से छूकर देखना ।

तीसरा उस बस्तु को खुद इस्तेमाल करना ।

Mass marketing मे जब ग्राहक किसी बस्तु को खुद से खरीद ता हे और उसे इस्तेमाल करता हे तभी उस प्रोडक्ट के बारे मे सही से जान पता हे ।

लेकिन Digital Marketing मे ये सारे Moment of Truth को Zero Moment of truth मे बदल दिया हे ।

डिजिटल मार्केटिंग मे ग्राहक किसी बस्तु मे पैसे खर्च करने से पहले उसका Rating चेक कर सकता हे, दूसरे ग्राहकों की feedback और review पढ़ सकता हे , दूसरे जगह मे उसी बस्तु की दाम जांच सकता हे और सही जगह पर पैसे खर्च कर सकता हे ।

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